Discover thousands of books, read online, take notes, and track your progress. Start your reading journey today!
Free
यह चारों वेदों में सबसे आखिरी वेद है। इसका संबंध आम मानव जीवन के व्यावहारिक पक्ष, विज्ञान और समाज से है।
Free
यह संगीत और कला का वेद है। सामवेद को भारतीय संगीत का जनक (Origin of Indian Music) माना जाता है।
Free
यह मुख्य रूप से यज्ञ और कर्मकांड का वेद है। इसमें यज्ञों के नियम, विधान और उनमें प्रयोग होने वाले मंत्र शामिल हैं।
Free
यह संसार का सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ और चारों वेदों में सबसे पहला है। इसमें सनातन धर्म के मूल सिद्धांत और देवताओं की स्तुतियां हैं।
Free
श्री विष्णु पुराण के रचयिता महर्षि पराशर (जो महर्षि वेद व्यास के पिता हैं) माने जाते हैं, जबकि परंपरा के अनुसार सभी महापुराणों के संकलनकर्ता महर्षि वेद व्यास हैं। यह संवाद रूप में है, जिसे महर्षि पराशर ने अपने शिष्य मैत्रेय ऋषि को सुनाया था।
Free
• रचना का मूल: पुराणों के अनुसार, लिंग पुराण की मूल रचना सबसे पहले ईशान कल्प में भगवान ब्रह्मा जी ने की थी। • संकलन: बाद में महर्षि वेद व्यास जी ने इसे संक्षिप्त करके अठारह महापुराणों में शामिल किया। • श्लोक संख्या: इसमें लगभग 11,000 श्लोक और 163 अध्याय हैं। • मुख्य विषय: यह भगवान शिव की महिमा, शिवलिंग की उत्पत्ति, और ब्रह्मांड की रचना को समर्पित है।
Free
वैदिक/महाभारत का खिल (परिशिष्ट) हरिवंश: महाभारत के खिल भाग के रूप में रचित संस्कृत हरिवंश के पारंपरिक रचयिता महर्षि वेद व्यास को माना जाता है। जैन हरिवंशपुराण: जैन परंपरा के अनुसार, 783 ईस्वी में रचित प्रसिद्ध जैन हरिवंशपुराण के रचयिता आचार्य जिनसेन (प्रथम) हैं। यह ग्रंथ 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ और श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित है।
Free
आखिरकार एक वर्ष की प्रतिक्षा और बनती बिगड़ती अनिश्चित योजनाओं के पश्चात इस दिसम्बर (2018) में चोपता-तुंगनाथ जाने की योजना सफल हुई। मैंने अपने जीवन मे प्रथम बर्फ की सफेद चादर यहीं देखी थी। सोशल मिडिया एवं अन्य ट्रैवल ब्लॉग पढ़ कर मैंने इस यात्रा सेसंबंधित सारी जानकारियाँ जुटा ली थी।
Free
सन् 1854 का वाक्या है। 16 वर्ष का एक लड़का शिरडी में एक नीम के पेड़ के नीचे समाधि में बैठा था। जहां वह लड़का समाधि लगा रहा था, उस जगह को अब शिरडी के साईं मंदिर में 'गुरुस्थान' कहा जाता है। इससे पहले शिरडी की एक वृद्ध महिला नाना चोपदार की मां ने उसे देखा था।
Free
सबसे बड़ा पुराण: यह अठारह महापुराणों में सबसे बड़ा और विस्तृत पुराण है।श्लोक संख्या: इसमें लगभग 81,000 या इससे अधिक श्लोक हैं।प्रमुख खंड: इसके सात मुख्य खंड हैं—महेश्वर, वैष्णव, ब्रह्म, काशी, अवंती, नागर और प्रभास।
Free
प्रेरणा: वेदों और अन्य पुराणों की रचना के बाद भी जब वेद व्यास जी को मानसिक शांति नहीं मिली, तब नारद मुनि ने उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति का गुणगान करने वाला ग्रंथ लिखने की प्रेरणा दी।संरचना: इस महापुराण में 12 स्कंध, 335 अध्याय और लगभग 18,000 श्लोक हैं।